- रोटरी क्लब ऑफ इंदौर प्रोफेशनल्स ने स्कूल की बच्चियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण करवाया।
- इंदौर पुलिस और एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल की संयुक्त पहल हजारों लोगों को तंबाकू और कैंसर के प्रति किया जागरूक
- Renowned Actors Sunny Deol, Preity Zinta, and Karan Deol Made Freshman Induction 2026 a Star-Studded Welcome for LPU Freshers
- “Advertising Ushered In A New-Age Sensibility to Films” - Farhan Akhtar on the stylized slick of ‘Dil Chahta Hai’.
- ‘हर कोई लव ट्रायंगल करना चाहता था’, ‘दिल चाहता है’ की कास्टिंग को लेकर फरहान अख्तर ने बताई पूरी कहानी
इंदौर पर आधारित शो है गुड्डन तुमसे न हो पाएगा: सेहरिश अली
इंदौर. मेरा मानना है कि एक्टिंग सीखी नहीं जा सकती. यह दिल से निकलती है. अगर किसी का दिल अच्छा नहीं है तो वह एक्टिंग भी नहीं कर सकता. किरदार को निभाने के लिए उसे दिल से ही समझना होता है. कोई एक्टिंग के लिए केवल टिप्स दे सकता है सिखा नहीं सकता.
यह कहना है अभिनेत्री सेहरिश अली का. वे जीटीवी पर आने वाले शो गुड्डन तुमसे न हो पाएगा के प्रमोशन के लिए शहर में थी. शो में वे लक्ष्मी का किरादर निभा रही है. शो और अपने किरदार के बारे में सेहरिश ने बताया कि टेलीविजन पर ऐसा शो पहली बार आ रहा है. इस शो में तीन बहुएं अपने 40 साल के ससुर के लिए दुल्हन की खोज में निकलती हैं और अपने निजी स्वार्थ के चलते ये तीनों उनकी शादी 20 साल की गुड्डन से करा देती हैं. ऐसे घर में, जहां बड़ी बहुओं ने लंबे समय तक राज किया है, वहां नई नवेली सास गुड्डन को बाहरी और अनुभवहीन माना जाता है और उसे विरोध और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.
शो की खास बात यह है कि यह इंदौर पर आधारित शो है. इसमें यहां की संस्कृति और भाषा का इस्तेमाल किया गया है. मैं इस शो में लक्ष्मी का किरदार निभा रही हूं जो बड़ी फनी है, लेकिन उसे जोड़-तोड़ करना खूब आता है. वो अपना काम करवाने के लिए अपने परिवार के सदस्यों का इस्तेमाल भी करती है. उसे दिखावा करना बहुत पसंद है और उसमें कुछ ग्रे शेड भी देखने को मिलेंगे. मुझे यह किरदार इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें मैंने पहली बार साड़ी पहनी है.
इंदौर का पोहा-जलेबी है फेवरेट
सेहरिश ने बताया कि मैं भोपाल से हूं और इंदौर भी मेरा अक्सर आना-जाना होता रहता है इसलिए मुझे एमपी से काफी लगाव है. मुझे इंदौर का पोहा-जलेबी बहुत पसंद है. उन्होंने बताया कि मैंने कभी भी एक्ट्रेस बनने का नहीं सोचा था. लेकिन मेरी मम्मी और नानी चाहती थी कि मैं एक्ट्रेस बनूं. उन्होंने मुझे 10वीं क्लास में ही इसके लिए मुंबई भेजा. मुझे ये लालच था कि मुझे अब स्कूल नहीं जाना पड़ेगा इसलिए मैं मम्मी के साथ मुंबई चले गई. मुझे एक्टिंग का अनुभव नहीं था इसलिए पहले ही ऑडिशन में मुझे सबह से शाम हो गई लेकिन मेरा शॉट ओके नहीं हुआ. हालांकि इसके बाद लगातार ऑडिशन दिये और मम्मी की मेरे साथ मेहनत और नानी की दुआओं से 15 दिनों में मुझे मेरा पहला शो प्रतिज्ञा मिल गया. मैंने अभी तक एक्टिंग नहीं सीखी लेकिन हर शो के साथ मैंने खुद को ग्रूम किया. सहयोगी कलाकारों और डायरेक्टर्स की मदद से मैं एक्टिंग भी सीख गई. मैं रोमांटिक कॉमेडी करना चाहती हूं क्योंकि मेरी सोच है जब कोई मुझे देखे तो उसे चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाए.


